
सुबह की पहली किरण के साथ ही अवनि की आँखों में दहशत उतर आई। वह पूरी रात सो नहीं पाई थी। जैसे ही घड़ी में छह बजे, कमरे के दरवाजे पर दस्तक हुई। पृथ्वीराज के गार्ड्स की निगरानी में तीन महिलाएं अंदर आईं, जिनके हाथों में बड़े-बड़े वैनिटी बॉक्सेस और सूटकेस थे।
तभी एक नौकर ने एक मखमली बॉक्स अवनि के बेड पर रखा। उसके ऊपर एक छोटा सा ब्लैक कार्ड था। अवनि ने कांपते हाथों से उसे उठाया, जिस पर गोल्ड लेटर्स में लिखा था— "इसे पहनो, क्योंकि आज सब देखेंगे कि मेरी पसंद कितनी लाजवाब है। मुझसे दूर जाने की कोशिश भी मत करना, तुम्हारी हर हरकत पर मेरी नज़र है। — पृथ्वीराज।"

Show your support
Write a comment ...